डॉ. अनुराधा मिश्रा
मुख्य प्रशिक्षक, उपभोक्ता मनोविज्ञान
बारह वर्षों से उत्तर भारत के बाज़ारों में खरीदारों के व्यवहार का अध्ययन कर रही हैं। जटिल बात को घर की भाषा में कहना उनकी पहचान है।
खरीदारी के पीछे का मन समझें, सोच-समझकर चुनें
खरीदारी के मनोविज्ञान का कार्यक्रम
हम क्यों एक पैकेट उठाते हैं और दूसरा रख देते हैं? Tarnvex आपको रोज़मर्रा की खरीदारी के पीछे के कारण शांति से समझाता है, ताकि हर चुनाव आपका अपना हो।
लखनऊ से संचालित · प्रतिभागियों के साथ सीधा संवाद
काम कैसे होता है
आप नाम और संपर्क छोड़ते हैं। हमारी टीम एक कार्यदिवस के भीतर फ़ोन या ईमेल से संपर्क करके आपकी ज़रूरत और खरीदारी की आदतें समझती है।
आप अपनी पिछली कुछ खरीदारियों की रसीदें और कार्ट देखते हैं। साथ मिलकर हम पहचानते हैं कि कहाँ भावना ने फ़ैसला किया और कहाँ ज़रूरत ने।
हर सत्र के बाद आपको एक छोटा अभ्यास और एक निजी चेकलिस्ट मिलती है, जिसे आप अगली बार बाज़ार या ऑनलाइन कार्ट में आज़मा सकते हैं।
लोग जो पढ़ाते हैं
मुख्य प्रशिक्षक, उपभोक्ता मनोविज्ञान
बारह वर्षों से उत्तर भारत के बाज़ारों में खरीदारों के व्यवहार का अध्ययन कर रही हैं। जटिल बात को घर की भाषा में कहना उनकी पहचान है।
पाठ्यक्रम डिज़ाइनर
पूर्व रिटेल विश्लेषक। वे हर मॉड्यूल को ऐसे अभ्यासों में ढालते हैं जो आप अपनी असली रसीदों पर कर सकें।
प्रतिभागी सहायता प्रमुख
पंजीकरण से लेकर सत्र के बाद के सवालों तक, आपकी हर जिज्ञासा का जवाब देने वाली पहली संपर्क-व्यक्ति।
शोध एवं उदाहरण संपादक
मंडी, किराना और ऑनलाइन बाज़ार से असली उदाहरण जुटाते हैं, ताकि सामग्री किताबी न लगे, अपनी लगे।
आप क्या सीखेंगे
यह किसके लिए है
आप महीने का राशन और घर का ख़र्च सँभालते हैं और अक्सर सोचते हैं कि बजट से ज़्यादा ख़र्च कहाँ हो जाता है। यहाँ आपको वह जगह दिखेगी।
देर रात का कार्ट, फ्लैश सेल और 'बस एक और चीज़'। आप सीखेंगे कि रुकना कमज़ोरी नहीं, कौशल है।
आप ग्राहक के मन को ईमानदारी से समझना चाहते हैं, उसे भरमाने के लिए नहीं, बेहतर सेवा देने के लिए।
मनोविज्ञान या व्यवहार-अर्थशास्त्र में रुचि है और आप रोज़ के उदाहरणों से सीखना पसंद करते हैं।
हमारा नज़रिया
हमारी सामग्री पश्चिमी किताबों से उधार नहीं ली गई। उसमें किराना, साप्ताहिक हाट, त्योहारी सेल और यूपीआई-युग की खरीदारी है।
न कोई 'आज ही जुड़ें' की घड़ी, न डर दिखाने वाली भाषा। जिस मनोविज्ञान को हम समझाते हैं, उसी का इस्तेमाल हम आपके ख़िलाफ़ नहीं करते।
सिद्धांत तभी टिकता है जब वह आपके जीवन से जुड़े। इसलिए हर मॉड्यूल में आप अपनी असली खरीदारी का विश्लेषण करते हैं।
अपना नाम और संपर्क छोड़ें। हम एक कार्यदिवस में आपसे बात करेंगे, कार्यक्रम समझाएँगे, और आप तय करेंगे कि यह आपके लिए ठीक है या नहीं।