Tarnvex

खरीदारी के पीछे का मन समझें, सोच-समझकर चुनें

खरीदारी के मनोविज्ञान का कार्यक्रम

खरीदने से पहले,
अपने मन को पढ़ना सीखें

हम क्यों एक पैकेट उठाते हैं और दूसरा रख देते हैं? Tarnvex आपको रोज़मर्रा की खरीदारी के पीछे के कारण शांति से समझाता है, ताकि हर चुनाव आपका अपना हो।

किराना की दुकान में दो पैकेट तौलता हुआ एक हाथ

लखनऊ से संचालित · प्रतिभागियों के साथ सीधा संवाद


काम कैसे होता है

तीन कदम,
बिना किसी जल्दबाज़ी के

01

अनुरोध और छोटी बातचीत

आप नाम और संपर्क छोड़ते हैं। हमारी टीम एक कार्यदिवस के भीतर फ़ोन या ईमेल से संपर्क करके आपकी ज़रूरत और खरीदारी की आदतें समझती है।

02

अपनी आदतों का नक्शा

आप अपनी पिछली कुछ खरीदारियों की रसीदें और कार्ट देखते हैं। साथ मिलकर हम पहचानते हैं कि कहाँ भावना ने फ़ैसला किया और कहाँ ज़रूरत ने।

03

अभ्यास और अपनी कसौटी

हर सत्र के बाद आपको एक छोटा अभ्यास और एक निजी चेकलिस्ट मिलती है, जिसे आप अगली बार बाज़ार या ऑनलाइन कार्ट में आज़मा सकते हैं।

लोग जो पढ़ाते हैं

आपके साथ बैठने वाले
चेहरे

कक्षा में मुख्य प्रशिक्षक डॉ. अनुराधा मिश्रा का चित्र

डॉ. अनुराधा मिश्रा

मुख्य प्रशिक्षक, उपभोक्ता मनोविज्ञान

बारह वर्षों से उत्तर भारत के बाज़ारों में खरीदारों के व्यवहार का अध्ययन कर रही हैं। जटिल बात को घर की भाषा में कहना उनकी पहचान है।

सब्ज़ी की दुकान पर रुककर सोचता हुआ एक ग्राहक

राहुल श्रीवास्तव

पाठ्यक्रम डिज़ाइनर

पूर्व रिटेल विश्लेषक। वे हर मॉड्यूल को ऐसे अभ्यासों में ढालते हैं जो आप अपनी असली रसीदों पर कर सकें।

सना ख़ान

प्रतिभागी सहायता प्रमुख

पंजीकरण से लेकर सत्र के बाद के सवालों तक, आपकी हर जिज्ञासा का जवाब देने वाली पहली संपर्क-व्यक्ति।

विवेक त्रिपाठी

शोध एवं उदाहरण संपादक

मंडी, किराना और ऑनलाइन बाज़ार से असली उदाहरण जुटाते हैं, ताकि सामग्री किताबी न लगे, अपनी लगे।

आप क्या सीखेंगे

कार्यक्रम के अंत में
आपके हाथ में क्या होगा

  • छूट और 'सीमित स्टॉक' का असर
    समझें कि कमी और रियायत के संकेत आपके निर्णय को कैसे मोड़ते हैं, और रुककर जाँचने की तरकीब क्या है।
  • तुलना का जाल
    दो पैकेटों के बीच चुनते समय मन किस चीज़ को पकड़ता है, और कीमत के अलावा क्या देखना चाहिए।
  • भावना बनाम ज़रूरत
    थकान, त्योहार या ऊब में की गई खरीद को पहचानने के सरल संकेत।
  • ऑनलाइन कार्ट की बनावट
    डिफ़ॉल्ट विकल्प, टाइमर और सुझाव कैसे काम करते हैं, और कार्ट छोड़ने से पहले पूछने वाले पाँच प्रश्न।
  • घर का खरीदारी-नियम
    अपने परिवार के बजट के अनुसार एक निजी चेकलिस्ट, जिसे आप हर बार उपयोग कर सकें।
  • खरीद के बाद की समीक्षा
    रसीद देखकर पछतावे और संतुष्टि में फ़र्क करना, ताकि अगला फ़ैसला बेहतर हो।

यह किसके लिए है

अगर इनमें से
कोई बात आप जैसी लगे

घर का बजट संभालने वाले

आप महीने का राशन और घर का ख़र्च सँभालते हैं और अक्सर सोचते हैं कि बजट से ज़्यादा ख़र्च कहाँ हो जाता है। यहाँ आपको वह जगह दिखेगी।

युवा पेशेवर और ऑनलाइन खरीदार

देर रात का कार्ट, फ्लैश सेल और 'बस एक और चीज़'। आप सीखेंगे कि रुकना कमज़ोरी नहीं, कौशल है।

छोटे दुकानदार और विपणन से जुड़े लोग

आप ग्राहक के मन को ईमानदारी से समझना चाहते हैं, उसे भरमाने के लिए नहीं, बेहतर सेवा देने के लिए।

विद्यार्थी और जिज्ञासु पाठक

मनोविज्ञान या व्यवहार-अर्थशास्त्र में रुचि है और आप रोज़ के उदाहरणों से सीखना पसंद करते हैं।

हमारा नज़रिया

हम सिखाते हैं,
बहकाते नहीं

भारतीय बाज़ार के असली उदाहरण

हमारी सामग्री पश्चिमी किताबों से उधार नहीं ली गई। उसमें किराना, साप्ताहिक हाट, त्योहारी सेल और यूपीआई-युग की खरीदारी है।

शांत गति, कोई दबाव नहीं

न कोई 'आज ही जुड़ें' की घड़ी, न डर दिखाने वाली भाषा। जिस मनोविज्ञान को हम समझाते हैं, उसी का इस्तेमाल हम आपके ख़िलाफ़ नहीं करते।

अभ्यास आपकी अपनी रसीदों पर

सिद्धांत तभी टिकता है जब वह आपके जीवन से जुड़े। इसलिए हर मॉड्यूल में आप अपनी असली खरीदारी का विश्लेषण करते हैं।

अगला कदम बस एक संदेश दूर है

अपना नाम और संपर्क छोड़ें। हम एक कार्यदिवस में आपसे बात करेंगे, कार्यक्रम समझाएँगे, और आप तय करेंगे कि यह आपके लिए ठीक है या नहीं।

अनुरोध भेजें फ़ोन करें: +91 522 323 7002